CG Tourism: छत्तीसगढ़ का एक ऐसा गांव जहां श्राप से 150 बराती बन गए पत्थर, पत्थरों से आती है कराहने की आवाज

CG Tourism: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बरतियाभांटा गांव बहुत ही प्रसिद्ध है जहां 150 बाराती पत्थर बन गए। इस घटना के बाद इस गांव का नाम बरतियाभांटा पड़ गया। इस गांव की जमीन में ऐसे बहुत सारे पत्थर का समूह है जो आकार में बेहद बड़े और मानव के आकार के जैसा है। गांव वाले का मानना है कि इस गांव के रास्ते से बराती गुजर रही थी और श्राप के कारण 150 बराती पत्थर बन गए। यहां के लोग एक पत्थर को दूल्हा और एक पत्थर को दुल्हन मानते हैं।

रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर की दूर बसना ब्लॉक के इस गांव के नामकरण का कोई निश्चित प्रमाण नहीं है मगर आज भी गांव के द्वारा इसको लेकर कई अनोखी रहस्यमई कहानियां सुनाते हैं। बरतियाभांटा दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें बरतिया का अर्थ छत्तीसगढ़ी में बराती होता है और दूसरा है भांठा जिसका मतलब गांव का भाई स्थान जहां कोई घर नहीं है। मानव के आकार वाले पत्थरों के कारण इस गांव का नाम यह पड़ा है। एक हजार की आबादी वाले इस गांव के बारे में बहुत रोचक और रहस्यमई कहानी प्रचलित है।

पुराने समय में यहां ऋषि यों का आश्रम हुआ करता था एक बार इस आश्रम के आसपास एक बारात रात्रि भोज और विश्राम करने के रुकी थी। रिसीव ने बारातियों से भोजन का आग्रह किया। लेकिन दोस्तों बारातियों ने ऋषि यों का अपमान कर दिया। ऋषियों ने क्रोध में आकर सभी बारातियों को पत्थर बनने का श्राप दिया। एक और दूसरी कहानी है लोग बताते हैं ठाकुरों की बारात वापसी के समय यह विश्राम करने के लिए रुकी थी। किसी गलती के कारण देवयोग से सभी लोग और वस्तुएं पत्थर में बदल गए। इस कारण इस गांव का नाम बरतियाभांटा पड़ गया।

गांव के सभी बुजुर्ग लोग आज भी इन पत्थरों की कहानी बड़ी खुशी के साथ सुनाते हैं। बुजुर्गों का मानना है पहले इन पत्थरों से करने की आवाज आती थी। सुबह और शाम को अद्भुत सुगंध आया करती थी। आज भी यहां के लोग अपने ग्राम देवता ठाकुर देव मानकर पत्थरों की पूजा करते हैं। गांव के लोगों का मानना है कि याप्रल प्राकृतिक आपदाओं और महामारी से गांव वाले की रक्षा करते हैं।

गांव के लोग बताते हैं अगर कोई व्यक्ति इन पत्थरों को अपने घर ले जाने की कोशिश करता है या फिर पत्थरों को उठाने का प्रयास करता है तो उसे किसी ने किसी प्रकार की बीमारी हो जाती है और उसकी मौत हो जाती है।

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