CG Election 2023: कांकेर विधानसभा सीट पर आदिवासी समाज का दबदबा

कांकेर। कांकेर को पहले बस्तर का प्रवेश द्वार कहा जाता था क्योंकि आप पहले बस्तर का हिस्सा हुआ करता था। सन 1998 में कांकेर को जिला बनाया गया अब कांकेर जिले में तीन विधानसभा सीट है जिसमें अंतागढ़, कांकेर और भानूप्रतापपुर विधानसभा शामिल है। कांकेर जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यही वजह है कि इस जिले के तीनों विधानसभा सीटों पर आदिवासियों का दबदबा है।

कांकेर विधानसभा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है यहां 70% आदिवासियों वर्ग के मतदाता है जबकि 4% अनुसूचित जाति वर्ग के मांधाता है और 15% मतदाता पिछड़ा वर्ग के हैं। 10% सामान्य वर्ग से हैं। कांकेर जिले में साक्षरता दर 72% है साल 2018 में हुए वोटिंग दर 51 प्रतिशत थी। आदिवासी वर्ग में गौड़ जाति की अधिकता होने के कारण पार्टियों के प्रत्याशी ने हमेशा गोंड समुदाय से ही आते हैं।

कांकेर विधानसभा सीट में एक लाख 59 हजार 632 से अधिक मतदाता है और इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 81 हजार 127 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 77505 है। सभी विधानसभा में महिलाओं की संख्या ज्यादा है।

 

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