Balod News: चैत नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष आज से, मुहूर्त देखिए

Balod News: 22 मार्च को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष मनाया जाएगा। बालोद जिले में जिसके चलते गंगा मैया झलमला में ज्योति कलश के स्थापना की जाएगी हिंदू नव वर्ष के स्वागत में सनातन धर्म प्रेमियों के द्वारा विविध आयोजन किए जाएंगे। बालोद जिले के ग्राम झलमला में गंगा मैया मंदिर में चैत्र नवरात्रि की तैयारी जोर शोर से चल रही है। 22 मार्च से शुरू होने वाली नवरात्रि की तैयारी आखिरी चरण में है। इस साल नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी के दरबार में कुल 801 दीपक जलाए जाएंगे। गंगा मैया में लगने वाले मेले में सुरक्षा की कड़ी इंतजाम किए जा रहे हैं।

मंदिर प्रबंधन के द्वारा पूरी सब्जी सेवा का महाप्रसाद दिया जाता है और साथ ही चरण धोने की व्यवस्था की गई है। गंगा मैया के भक्तों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्य से भी यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के ट्रस्टी ठाकुर ने बताया कि 22 मार्च को दोपहर 2:00 बजे से पूजा करने के बाद दीपक जलाए जाएंगे। 22 मार्च को दोपहर 12:00 से शाम 4:00 बजे तक रामधुनी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

बालोद जिले के रानी माई मंदिर मुल्ले गुड़ा, सिया देवी मंदिर नारा गांव, कनेरी के कंकालीन मंदिर, कमरौद के हनुमान मंदिर, बंजारी धाम जुंगेरा, कुकुर देव मंदिर मालीघोरी, कपिलेश्वर मंदिर, शीतला साईं धाम बालोद, आदि सभी जगह पर जोत जलने के साथ-साथ 9 दिन तक विशेष आयोजन किया जाएगा। दोस्तों आप लोगों को तो पता है हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व होता है जिसमें से चैत्र माह और शारदीय नवरात्रि की मात्रा सबसे अधिक है।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 22 मार्च 2023 से शुरू हो रहा है और जिस का समापन 30 मार्च 2023 को होगा। इस दिन से नया वर्ष का प्रारंभ होता है। हमारे भारत में चैत्र नवरात्र प्रतिपदा तिथि से ही नया हिंदू वर्ष का आरंभ होता है। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 22 मार्च को 6:29 बजे से 7:40 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्त से ही नवरात्रि पूजा का शुभारंभ किया जाएगा।

भारत को अनेकता और विविधता का देश कहा जाता है हमारे देश में अलग-अलग धर्म को मानने वाले, अलग अलग बोली, परंपराएं और रहन-सहन का तरीका अलग-अलग है। ऐसे में दोस्तों त्योहारों को भी अलग अलग तरीके से मनाया जाता है। इस तरह चैत्र नवरात्रि को भी अलग ढंग से मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि के नाम से भी पुकारा जाता है क्योंकि दोस्तों भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को हुआ था इसलिए नवरात्र को राम नवरात्रि भी कहते हैं। गोवा और महाराष्ट्र में चैत्र नवरात्र को गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है।

 

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