CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की बेटी लगातार 8 घंटे तैरकर दर्ज करेगी रिकॉर्ड, 9 अप्रैल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड की टीम पहुंचेगी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक छोटे से गांव पूरई की रहने वाली 15 वर्षीय चंद्रकला ओझा 9 अप्रैल को लगातार 8 घंटे तैरकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड अपने नाम करेगी। इसके पहले भी ईश्वर नाम का लड़का जो पूरई का रहने वाला था वह भी गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड में अपना नाम दर्ज करा चुका है। ईश्वर लगातार 6 घंटे तक तैयार कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम 9 अप्रैल को पूरई गांव पहुंच रही है। स्विमिंग में तब तक चंद्रकला ओझा कई उपलब्धियां हासिल की है। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए चंद्रकला ओझा प्रतिदिन सुबह शाम 6 से 7 घंटा तैरती है।

चंद्रकला ओझा अपने कोच के मार्गदर्शन में तालाब में तैरकर प्रैक्टिस कर रही थी। सिर पर तरकारी नहीं बल्कि लंबी दूरी तय करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएगी। महिला वर्ग और जूनियर गर्ल्स वर्ग में पहली ऐसी लड़की होगी जो तैराकी में रिकॉर्ड बनाने जा रही है।

चंद्रकला ओझा का कहना है कि जब वह तैराकी में अपना करियर बनाना चाहती है तो लोगों ने उसको रोकने का बहुत प्रयास किया। चंद्रकला के माता पिता को कहां की लड़की है छोटे कपड़े पहन करते रहेगी तो आपको अच्छा लगेगा क्या। लेकिन चंद्रकला के माता-पिता ने लोगों की बातों को परवाना करते हुए उसे तैराकी बनने के लिए प्रेरित किया और अपना पूरा सहयोग दिया।

चंद्रकला ओझा ने घर वालों के सहयोग और कोच के मार्गदर्शन के पर कई बड़े बड़े मुकाम और मेडल अपने नाम किए हैं। चंद्रकला ओझा का सपना है कि ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाए। चंद्रकला के परिवार में 20 से भी ज्यादा लोग स्विमर है। उन्हीं को देखकर उन्होंने स्विमर बनने का मन बनाया। चंद्रकला जब पहली बार स्विमिंग के लिए उतरी तो उनकी उम्र 6 साल की थी। चंद्रकला के चाचा ओम ओझा उन्हें स्विमिंग के लिए ट्रेनिंग देते हैं।

 

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