CG Tourism: छत्तीसगढ़ के इस अनोखी रहस्यमई गांव में होती है धन की वर्षा, मिलते हैं सोने के सिक्के

CG Tourism: दोस्तों हमारा छत्तीसगढ़ ऐसी अजीब अजीब बातों, कहानियों और जगहों से भरा हुआ है जिसकी कल्पना आप नहीं कर सकते। दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने वाली हूं जहां कभी धन की वर्षा हुई थी ऐसा माना जाता है।

मल्हार बिलासपुर जिले का एक छोटा सा गांव है। जिसे प्राचीन रूप से बहुत महत्व प्राप्त है। इस जगह पर दोस्तों पहले राजा महाराजाओं का राज रहता था। यहां सारे प्राचीन मंदिर कीली, टीला, स्थित है। दोस्तों मल्हार बिलासपुर से 30 किलोमीटर और जांजगीर से 53 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

यहां प्राचीन समय में प्रसिद्ध धाम माना जाता है। जहां धन की वर्षा हुई थी और आज भी यहां धन मिलता है। यहां बहुत सारे प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर है। प्राचीन समय में यहां राजा महाराजा रहते थे उनके सिक्के आज भी कहीं न कहीं दफन और समय-समय पर आर्कोलॉजी विभाग को मिलते रहते हैं।

मल्हार का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है वह है पातालेश्वर महादेव का शिव मंदिर। इस मंदिर के कारण यहां महाशिवरात्रि में मेले का आयोजन होता है और यह मेला लगभग 10 दिनों के लिए होता है। या मंदिर लगभग 12 वीं शताब्दी में बनवाया गया था यहां आपको बहुत सारे मूर्तियां देखने को मिल जाएंगे। जोकि हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म से संबंधित मूर्तियां है साथ ही या मंदिर उसी के समय बनवाया गया मंदिर है।

इसके अलावा दोस्तों यहां बहुत सारे प्राचीन मंदिर है जिसमें ढींढ कीचक मंदिर, डिओर मंदिर, डिंडेश्वरी मंदिर शामिल है। ढींढ कीचक मंदिर का निर्माण छठवीं सातवीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह शिवजी को समर्पित है मंदिर के चारों और प्राचीन इस कल्चर बने हुए हैं। जो हिंदू, जैन धर्म, बौद्ध धर्म को समर्पित है।

प्राचीन समय में मल्हार को मल्लार या सरबपूर के नाम से जाना जाता था। उस समय के राजाओं के द्वारा बहुत सारे सिक्के भी बनवाए गए थे। जब यहां खाली हो गया तब सिक्का, धन, आभूषण जमीन में ही छूट गए। यह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है

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