CG Tourism: छत्तीसगढ़ का एक ऐसा अनोखा गांव जहां पत्थर गाते हैं गाना, नाचने वाली नर्तकी बन गई पत्थर

CG Tourism: दोस्तों मैंने आपको छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों के बारे में बतायी है। आपने कई लोगों को गाते हुए सुना होगा। आपने जानवरों को पक्षियों को गाते हुए सुना होगा। लेकिन अगर मैं आपको बोलू की पत्थर भी गा सकते हैं। तो यह आपको जरूर आश्चर्यचकित लगेगा। दोस्तों आज मैं आपको छत्तीसगढ़ के एक ऐसे स्थान के बारे में बताने वाली हूं जहां पत्थर गाते हैं और इसके गायन से ऐसे ध्वनि निकलती है जो म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट जैसी होती है।

दोस्तों हमारे छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में मैनपाट नाम का एक खूबसूरत जगह है और इसी मैनपाट का जो पाट है बहुत सारे ऐसे ऐसे प्राकृतिक जगह छिपे हुए हैं जिसे हम आज इस पोस्ट के माध्यम से बताने वाले हैं। पत्थर जो गाते हैं उस पत्थर का नाम है ठिनठीनी पत्थर। ठिनठीनी पत्थर अंबिकापुर से यह 30 किलोमीटर और बिलासपुर से 210 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां के सभी पत्थर अलग-अलग आवाज करते हैं। दोस्तों इस पत्थर को लेकर बहुत सारी रहस्यमई बातें हैं।

लोग बोलते हैं यह पत्थर आसमान से गिरे हैं कुछ लोग बोलते हैं या पत्थर भगवान द्वारा रखे गए हैं। यह पत्थर यहां सतयुग जमाने से स्थित है वैसे दोस्तों एक और कहानी प्रचलित है ऐसा मानते हैं यहां पहले एक महिला हुआ करती थी जो यहां के पत्थरों के आजू बाजू में नाचा करती थी। और एक समय में उस महिला को कुछ लोगों द्वारा देख लिया गया इसके बाद वह महिला पत्थर बन गई और उस पत्थर से अब आवाज आने लगती है।

यहां पत्थर लगभग 200 क्विंटल का है इसके बारे में एक और कहानी फेमस है पुराने समय में ऐसा मानते हैं कि जो शिकारी होते थे वह इन्हीं पत्थरों के द्वारा जानवरों को आकर्षित करते थे साथ ही साथियों को निर्देश करने का काम इन पत्केथरों  माध्यम से ही करते थे। इन पत्थरों में रहस्यमई नाम की कोई बात नहीं। वैज्ञानिक तरीके से माने तो आपको विश्व के अलग-अलग स्थानों में, जगहों पर मिल जाएंगे। लेकिन ऐसे पत्थर का छत्तीसगढ़ में होना छत्तीसगढ़ के लिए एक बहुत बड़ी बात है। यह ठिनठीनी पत्थर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह बाहर के लोगों को बहुत ही आकर्षित करता है।

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